क्या है चीन के शापित गांव का रहस्य? 60 साल से हो रही है चौंकाने वाली घटना

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नई दिल्ली। दुनिया रहस्यों से भरी हुई है। विज्ञान ने भले ही कई अनसुलझी पहेलियों के जवाब खोज लिए हों, लेकिन आज भी कुछ ऐसी घटनाएं और स्थान हैं, जिनके सामने वैज्ञानिक भी असमंजस में पड़ जाते हैं। ऐसा ही एक रहस्यमयी स्थान चीन के शिचुआन प्रांत में स्थित ‘यांग्सी गांव’ है, जिसे लोग वर्षों से ‘शापित गांव’ कहकर जानते हैं । इस गांव की सबसे हैरान करने वाली बात यहां रहने वाले लोगों का असामान्य कद है।

यांग्सी गांव में रहने वाली आबादी का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा बौने लोगों का है। यहां के अधिकांश लोगों की लंबाई महज दो फीट से लेकर तीन फीट तक ही सीमित है । हैरानी की बात यह है कि इस गांव में जन्म लेने वाले बच्चे सामान्य बच्चों की तरह ही पैदा होते हैं, लेकिन उनकी लंबाई सिर्फ पांच से सात साल की उम्र तक ही बढ़ती है। सात साल के बाद अचानक उनकी लंबाई बढ़नी बंद हो जाती है। कुछ मामलों में बच्चों की लंबाई दस साल तक बढ़ती देखी गई है, लेकिन उसके बाद विकास पूरी तरह रुक जाता है। युवाओं की अधिकतम लंबाई भी तीन फीट दस इंच से ज्यादा नहीं होती। गांव को लेकर कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं।

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पड़ोसी गांवों के लोगों का मानना है कि यांग्सी गांव पर किसी बुरी शक्ति या श्राप का साया है, जिसकी वजह से यहां के लोगों का शारीरिक विकास रुक जाता है। कुछ लोग इसे प्राचीन काल से चला आ रहा श्राप मानते हैं, जिसका असर पीढ़ी दर पीढ़ी दिखाई दे रहा है। हालांकि, वैज्ञानिक इन मान्यताओं को स्वीकार नहीं करते। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गांव के बुजुर्गों का कहना है कि कई दशक पहले यहां एक गंभीर और रहस्यमयी बीमारी फैली थी। इसी बीमारी के बाद बच्चों की लंबाई एक निश्चित उम्र के बाद बढ़नी बंद हो गई। इस घटना के बाद से गांव में बौनेपन की समस्या लगातार बनी हुई है।

वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने इस गांव पर कई बारअध्ययन किया है। मिट्टी, पानी, हवा और अन्य प्राकृतिक संसाधनों की जांच भी की गई, लेकिन कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया । कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि गांव की मिट्टी में पारे ( मरकरी) की मात्रा अधिक हो सकती है, जो शारीरिक विकास को प्रभावित करती है। वहीं, कुछ शोधकर्ता अतीत में छोड़ी गई जहरीली गैसों को भी इसकी एक संभावित वजह मानते हैं। करीब 60 वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी यांग्सी गांव का रहस्य पूरी तरह सुलझ नहीं पाया है। यह गांव आज भी वैज्ञानिकों के लिए एक चुनौती बना हुआ है और दुनिया के सबसे रहस्यमयी स्थानों में गिना जाता है।

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